Enjoy Biggest Sell

Sunday, October 1, 2023

"ये संबंध चंद्रयान की तरह....": अमेरिका और भारत के रिश्तों पर एस जयशंकर

भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारत और अमेरिका (US-India Relation) के संबंध अब तक के उच्चतम स्तर पर हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार उन्हें एक अलग स्तर तक लेकर जाएगी. जयशंकर ने कहा कि ये द्विपक्षीय संबंध चंद्रयान की तरह चांद पर और उससे भी परे पहुंचेंगे. भारतीय दूतावास द्वारा शनिवार को यहां आयोजित ‘सेलिब्रेटिंग कलर्स ऑफ फ्रेंडशिप' कार्यक्रम में हिस्सा लेने के लिए अमेरिका के विभिन्न हिस्सों से ‘इंडिया हाउस' में एकत्र हुए सैकड़ों भारतीय-अमेरिकियों को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा, ‘आज एक स्पष्ट संदेश है कि हमारा रिश्ता अब तक के उच्चतम स्तर पर है, लेकिन जैसा कि अमेरिका में कहा जाता है कि आपने अभी तक कुछ भी नहीं देखा है, हम इन संबंधों को एक अलग स्तर, एक अलग जगह ले जाने वाले हैं.'

ये भी पढ़ें-"इसे परिभाषित कर पाना मुश्किल": भारत-अमेरिका संबंधों पर एस जयशंकर

'जी20 की सफलता अमेरिका का भी सहयोग'

जयशंकर ने कहा कि जी20 की सफलता अमेरिका के सहयोग के बिना संभव नहीं हो सकती थी. उन्होंने कहा कि ‘जब चीजें अच्छी होती हैं, तो हमेशा मेजबान को इसका श्रेय मिलता है. यह उचित भी है, लेकिन यदि जी20 के सभी सदस्य देश इस आयोजन की सफलता के लिए काम नहीं करते, तो यह संभव नहीं था. जयशंकर ने भारतीय-अमेरिकियों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा कि मैं आज इस देश में हूं, खासकर इसलिए मुझे यह कहना चाहिए कि जी20 को सफल बनाने के लिए जो योगदान, जो सहयोग और समझ हमें अमेरिका से मिली, उसकी मैं वाशिंगटन डीसी में सार्वजनिक तौर पर सराहना करना चाहूंगा.

उन्होंने कहा कि तो, शाब्दिक रूप से यह हमारी सफलता हो सकती है, लेकिन मुझे लगता है कि यह जी20 (राष्ट्रों) की सफलता थी. मेरे लिए, यह भारत-अमेरिका साझेदारी की भी सफलता थी... कृपया इस साझेदारी को वह समर्थन देते रहें, जिसकी उसे आवश्यकता है, जिसकी यह हकदार है और जिसकी अपेक्षा है. मैं आपसे वादा कर सकता हूं कि ये संबंध चंद्रयान की तरह चंद्रमा तक, शायद उससे भी आगे तक जाएंगे.

'शब्दों में बयां नहीं हो सकते भारत-US संबंध'

जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच मानवीय संबंध इस द्विपक्षीय संबंध को और अनूठा बनाते हैं. देश एक-दूसरे के साथ व्यापार करते हैं और एक-दूसरे के साथ राजनीति करते हैं. उनके बीच सैन्य संबंध होते हैं, वे अभ्यास करते हैं और उनके बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान होता है, लेकिन जब दो देशों के बीच गहरे मानवीय संबंध हों, तो यह पूरी तरह से अलग स्थिति होती है. हमारे संबंधों की यही आज अहम विशेषता है.

जयशंकर ने कहा कि द्विपक्षीय संबंधों के निर्माण में प्रवासी भारतीयों का अत्यधिक योगदान है. इसे शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता. इसी आधार के सहारे हम आगे देख रहे हैं... क्षितिज पर नयी आशा देख रहे हैं... इसलिए, मुझे लगता है कि जब हम क्षितिज को देखते हैं, तो हमें वहां वास्तव में शानदार संभावनाएं दिखाई देती हैं और यह समुदाय ही इन्हें संभव बनाएगा.

'आज का भारत पहले से बिल्कुल अलग'

विदेश मंत्री ने कहा कि आज का भारत पहले के भारत से अलग है. मैं आपसे कहना चाहता हूं कि मैं जिसकी बात कर रहा हूं, वह वास्तव में एक अलग भारत है. जैसा कि आपने दूसरों से सुना है, यह वह भारत है, जो चंद्रयान-3 मिशन को पूरा करने में सक्षम है. एस जयशंकर ने कहा कि यह वह भारत है, जो सबसे शानदार जी20 सम्मेलन आयोजित करने में सक्षम रहा और उसने उन लोगों को गलत साबित कर दिया, जिन्होंने कहा था कि हम 20 देशों को एक साथ नहीं ला पाएंगे.

उन्होंने कहा कि यह वह भारत है, जिसने कोविड-19 महामारी के दौरान दिखाया कि वह न केवल अपने लोगों की देखभाल कर सकता है, बल्कि दुनियाभर के सैकड़ों देशों की ओर मदद का हाथ भी बढ़ा सकता है. आज भारत में सबसे तेजी से 5जी सेवा उपलब्ध कराई जा रही है. अगर भारत के कदमों में आज ऊर्जा है, अगर उसकी आवाज में आत्मविश्वास है, तो इसके कई कारण हैं.  यह 10 साल की कड़ी मेहनत का नतीजा है... ऐसे कई क्षेत्र हैं, जहां हमारी क्षमताएं दोगुनी या तिगुनी हो गई हैं.
ये भी पढ़ें-अफगान दूतावास ने आज से भारत में बंद किया कामकाज, गिनवाईं ये 3 बड़ी वजह



from NDTV India - Latest https://ift.tt/Dq2Qi0R

No comments:

Post a Comment

Video: Devotees Visit Bhojshala To Perform Puja After High Court Order

In its ruling, the High Court quashed a long-standing 2003 arrangement by the Archaeological Survey of India that had restricted Hindu worsh...