चूरू. कड़ाके की सर्दी में संगीत का रस घोलते सुरीले लोकगीत, आधुनिक गीतों पर थिरकते कदम और हूटिंग करते विद्यार्थी और तालियों की गडग़ड़ाहट से गूंजता कॉलेज परिसर। कुछ ऐसा ही नजारा मंगलवार को राजकीय लोहिया कॉलेज में आयोजित दो दिवसीय कार्यक्रम सरगम-२०१९ के दूसरे व अंतिम देखने को मिला। समारोह में विद्यार्थियों ने जहां प्रस्तुतियों के माध्यम से राजस्थान की लोक संस्कृति को साकार किया। वहीं फिल्मी गीतों पर नृत्य कर लोक संस्कृति में आधुनिकता का समावेश किया। विद्यार्थियों ने लोकगीत गायन, समूह नृत्य, कविता पाठ, युगल गायन, एकल नृत्य व विचित्र वेशभूषा प्रतियोगिता में शानदार प्रस्तुतियों के दम पर कार्यक्रम को यादगार बनाया। इससे पहले महाविद्यालय के प्राचार्य व छात्रसंघ परामर्शदाता दिलीप सिंह पूनिया, सरगम संयोजक डा. मंजू शर्मा व छात्रसंघ अध्यक्ष वंदना मेघवाल ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस मौके पर हुई आशु भाषण प्रतियोगिता में दीपा सोनी प्रथम व डिम्पल नाहटा द्वितीय रही।इसी प्रकार राजस्थानी लोकगीत गायन में अभिषेक शर्मा प्रथम, सलीम खान द्वितीय, स्वरचित कविता पाठ में योगिता मोटेका प्रथम व भूमिका द्वितीय, समूह नृत्य में दीपा सोनी ग्रुप प्रथम व डिम्पल नाहटा ग्रुप द्वितीय, युगल गायन मिश्रित में संदीप व खुशी शर्मा की जोड़ी प्रथम तथा अभिषेक व डिम्पल नाहटा की जोड़ी द्वितीय, विचित्र वेशभूषा में दीपा सोनी प्रथम व डिम्पल नाहटा द्वितीय तथा एकल नृत्य में तेजस्विनी रांकावत प्रथम व खुशबू खींची द्वितीय रहे। प्रतियोगिताओं के निर्णायक प्रो. विनोद कुमार, डा. सरोज हारित, डा. वीणा ढेनवाल, प्रो. जावेद खान, डा. अंजु ओझा, डा. संजय कुमार, डा. ईए हैदरी, डा. भवानी शंकर शर्मा, डा. प्रशांत कुमार, डा. रेणु अग्रवाल, डा. सुरेश शर्मा, डा. मूलचंद, डा. दिनेश कुमार चारण, डा. महेंद्र खारडिय़ा, डा. बीके अग्रवाल, डा. जेएस कविया थे। गेस्ट प्रस्तुति में पूर्व एडीशनल एसपी राम सिंह बीका, डा. जेएस कविया, डा. शांतनु के गानों को भी सराहा गया। संचालन डा. जेबी खान व डा. शालिनी हेमकार ने किया। प्रो. मधुरिमा भारद्वाज ने प्रतियोगिताओं के निर्णय प्रस्तुत किए। संयोजक डा. मंजू शर्मा ने आभार जताया।
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