चूरू.
कांग्रेस सरकार की ओर से की गई बकाया अल्प कालीन फसली ऋण माफी की योजना से जिले में करीब एक लाख किसानों को इसका लाभ मिलेगा। अल्पकालीन के अलावा अन्य प्रकार के कृषि ऋण धारक जो राष्ट्रीयकृत, अनुसूचित व क्षेत्रीय बैंकों से ऋण लेकर नहीं चुका पा रहे हैं और डिफाल्टर घोषित कर दिए गए हैं उनके भी दो लाख रुपए तक ऋण माफ किए जाएंगे। 30 नवंबर 2018 तक लिए गए फसली अल्पकालीन ऋण माफ किए जाएंगे। सरकार के फैसले से इस दायरे में आने वाले जिले के करीब एक लाख किसानों के करीब चार सौ करोड़ रु. कर्ज माफ होंगे। इसमें अकेले दी चूरू सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लिमिटेड के ७९ हजार से अधिक कृषि ऋण धारकों के 231 करोड़ रुपए माफ होंगे।
सीसीबी बैंक के प्रबंध निदेशक शेरसिंह ने बताया कि कांग्रेस सरकार की अल्पकालीन फसली ऋण माफी की योजना से जिले में बड़े स्तर पर किसानों के कर्ज माफ होंगे। सीसीबी बैंक से 30 नवंबर 2018 तक अल्पकालीन फसली ऋण लेने वाले सभी किसानों के ऋण माफ होंगे। बैंक के कर्मचारियों को बुलाकर रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं। सीसीबी बैंक के 79400 किसानों के 231.06 करोड़ रुपए माफ होंगे। पिछली सरकार में माफ किए गए ऋण से करीब दो गुना अधिक ऋण माफ होगा। पिछली सरकार में सीसीबी के 888२8 किसानों के 154 करोड़ रुपए माफ किए गए थे। पिछली बार काफी प्रतिबंध था लेकिन इस बार अल्पकालीन फसली ऋण पर कोई प्रतिबंध नहीं होने के कारण काफी किसानों को लाभ मिलेगा। आदेश के मुताबिक पिछली बार केवल सहकारी बैंकों से ऋण लेने वाले लघु एवं सीमांत किसानों के ही 50 हजार रुपए माफ किए गए थे। इसके कारण जिले में कम किसानों को लाभ मिला था।
नियमित लेनदेन करने वाले ऋण धारक कृषकों के साथ अन्याय
वहीं किसान रामस्वरूप व बलदेव राम का कहना है कि जो किसान ईमानादारी से लेनदेन करते हैं उनके साथ सरकार ने गलत किया है। केवल डिफाल्टरों के ही दो लाख रुपए माफ करना ईमानदार ऋणी किसानों के साथ अन्याय है। कम से कम सरकार को चाहिए कि जो किसान नियमित लेन-देन कर रहे हैं उनके भी शेष कर्ज माफ करे। ऐसा करने से आने वाले दिनों में कोई किसान ऋण लेने के बाद चुकता नहीं करेगा।
एसबीआई के चार हजार से अधिक कृषि ऋणधारक डिफाल्टरों के ऋण होंगे माफ
वहीं आदेश के मुताबिक सरकार ने सभी राष्ट्रीयकृत, अनुसूचित व क्षेत्रीय ग्रामीण बैंको के वे सभी कृषक जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और अपना ऋण नहीं जमा करा पा रहे हैं उनके ऋण माफ किए जाएंगे। इस प्रकार के ऋण दाता करीब हर बैंक में हैं जो डिफाल्टर हैं। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में कुल डिफाल्टर (एनपीए) कृषि ऋण धारकों की संख्या 4976 है। इसमें करीब करीब 23 सौ किसानों का बकाया दो लाख से कम है। इनके करीब 30 करोड़ रुपए माफ होंगे। वहीं दो लाख से अधिक के डिफाल्टर कृषि ऋण धारकों की संख्या 26 सौ से अधिक हैं जिनके 50 करोड़ से अधिक बकाया हैं। इसमें सभी के दो लाख रुपए माफ होंगे। इसी प्रकार अन्य बैकों के अधिकारी सरकार की घोषणा के मुताबिक लाभान्वित होने वाले किसानों की रिपोर्ट तैयार करने में जुट गए हैं।
जानिए किस बैंक में कितने केसीसी व कितने रुपए ऋण
बैंक केसीसी रुपए (लाख में)
बीआरकेजीबी -55796 -1721116
सीसीबी -135956 -48732
एसबीआई -4018 9 -61765
बीओबी -36052- 51283
ओबीसी -8693 -12436
पीएनबी -20061- 38211
एचडीएफसी- 7036 -11307
आईसीआईसीआई -4700- 7273
सीबीआई- 1580 -3729
कॉर्पोरेशन बैंक -786 -2468
बैंक ऑफ इंडिया -992 -1283
आईडीबीआई- 491 -926
इलाबााद बैंक -251- 793
यूको बैंक- 337 -604
देना बैंक -338-471
केनरा बैंक -128-324
महाराष्ट्रा बैंक -44 -125
(कुल केसीसी धारकों में से कई ऐसे भी हैं जिन्होंने लोन नहीं लिया है या कुछ ने चुकता कर दिया है, इसमें सभी प्रकार के कृषि लोन शामिल हैं)
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal http://bit.ly/2BBLlUK
No comments:
Post a Comment