चूरू.
राजस्थान परिवहन निगम के श्रमिक संगठनों के संयुक्त मोर्चे के आह्वान पर समझौता लागू करने सहित विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत रोडवेजकर्मी सोमवार को १५वें दिन भी धरने पर रहे।अब तक हड़ताल के कारण चूरू आगार की ७७ बसों के चक्के जाम रहने से एक करोड़ १५ लाख ५० हजार रुपए का नुकसान हो चुका है। अब आंदोलनकर्मीहर तरह की बसों के संचालन को बाधित कर आंदोलन को उग्र रूप देने की तैयारी में हैं।
सत्यनारायण भाकर के नेतृत्व में दिए गए धरने पर बैठे रोडवेजकर्मियों ने सरकार विरोधी नारेबाजी कर २७ जुलाई को हुए समझौते की अनदेखी को लेकर आक्रोश जताया। इस मौके पर रोडवेज का ५५वां स्थापना दिवस मनाया गया। वक्ताओं ने कहा कि सरकार की हठधर्मिता से आज रोडवेज घाटे में जा रही है। मगर रोडवेज को बंद करने की सरकार की मंशा कभी पूरी नहीं होने दी जाएगी। वक्ताओं ने कहा कि दो अक्टूबर को विभिन्न संगठनों के साथ मिलकर कलक्टे्रट का घेराव व प्रदर्शन किया जाएगा। संयुक्त मोर्चे के बैनर तले लामबंद रोडवेजकर्मी सुबह नौबजे आगार से रैली के रूप में रवाना होंगे। धरने को पन्नालाल प्रजापत, जितेंद्र चाहर, तालिम हुसैन व चंदूलाल लाठर आदि ने संबोधित किया।
समर्थन में आए कानूनगो व पटवार संघ
सरदारशहर. विभिन्न मांगों को लेकर सरकार के साथ हुए समझौते को लागू करने की मांग को लेकर रोडवेजकर्मियों का चल रहा चक्काजाम सोमवार को 15वें दिन भी जारी रहा। रोडवेज कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ नोरबाजी की। वहीं कानूनगो संघ व पटवार संघ के पदाधिकारियों ने आंदोलन स्थल पर पहुंचकर रोडवेजकर्मियों का समर्थन किया। मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित कर उनकी जायज मांगों पर शीघ्र विचार करने का आग्रह किया। कानूनगो संघ के अध्यक्ष प्रहलाद पारीक व पटवार संघ के जिलाध्यक्ष मनफूलसिंह सारण उपस्थित थे।
दराब खां, लक्ष्मीनारायण जांगिड़, संतोष, काशीराम, घनश्याम गौड़, राजकुमार प्रजापत, रामचन्द्र दर्जी ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि सरकार अपने वादे से मुकर रही है। आंदोलन को 15 दिन होने के बावजूद भी कोई वार्ता नहीं कर रही है। हिटलर की तरह सरकार चलाने वाली मुख्यमंत्री गौरव यात्रा निकाल रही है। रोडवेजकर्मियों ने रोडवेज का 55 वां स्थापना दिवस मनाया। रामेश्वर भास्कर, बाबू खां, मदनलाल पारीक आदि धरनेपर बैठे।
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