चूरू। जिस शहर की सुरक्षा व्यवस्था उसकी पुलिस की होती है यदि वो पुलिस ही विदाई समारोह में व्यस्त हो जाए तो शहर की सुरक्षा व्यवस्था कैसी हो सकती है इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। जी हां ये हम नहीं बल्कि सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एसपी के विदाई समारोह का वीडियो लोगों के जहन में अनेक सवाल खड़ा कर रहा है। लोग अब ऐसे ही सवाल उठाने लगे हैं।
जानकारी के मुताबिक राज्य सरकार की ओर से हाल ही में जारी आईपीएस की तबादला सूची में शामिल एसपी राहुल बारहट को जिले की पुलिस ने धूमधाम से विदाई दी। इनकी विदाई ऐसी थी कि वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
इस वायरल वीडियो के बाद जनता ने भी सवाल उठाने शुरू कर दिए कि आखिर शहर की सुरक्षा व्यवस्था किसके भरोसे थी। एसपी बारहट को पुलिस लाइन से घोड़ी पर बैठाकर जुलूस पूर्वक उनके घर तक छोड़ा गया। विदाई जुलूस में अनेक थानों के एसएचओ से लेकर सिपाही तक ऑन ड्यूटी शामिल हुए।
महिला-पुरुष पुलिसकर्मी डीजे पर बज रहे हरियाणवी-हिन्दी गीतों पर झूमते चल रहे थे। एसपी व उनकी आईपीएस पत्नी ने भी पुलिसकर्मियों के साथ ठुमके लगाए। मगर करीब दो घंटे तक चले इस विदाई कार्यक्रम के दौरान शहर की सुरक्षा राम भरोसे रही। गौरतलब है कि न्यायालय डीजे के उपयोग को सेंसर करता है।
वहीं पुलिस ने इसका खुलेआम प्रदर्शन करके न्यायालय के आदेशों की अवहेलना तक कर डाली। ऐसे में शहर में कहीं कोई वारदात होने की स्थिति में पुलिस के पहुंचने तक अपराधी मौके से फरार हो सकते थे।
जनता के बीच चर्चा का विषय बने इस विदाई समारोह को लेकर चर्चा है कि जुलूस में नाचने वाले पुलिसकर्मी कौन थे। वे पुलिस लाइन के कर्मचारी थे या वे ड्यूटी ऑफ करके जुलूस में शामिल हुए थे।
इनका कहना है
पुलिस लाइन में संपर्क सभा में जिले से पुलिस अधिकारी आए हुए थे। जो बाद में विदाई जुलूस में शामिल हुए थे। इसमें पुलिस लाइन, थानों व एसपी ऑफिस के पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
-अनिलसिंह चौहान, एएसपी चूरू
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