सुजानगढ़. शहर की कृषि उपज मंडी में क्रय-विक्रय सहकारी समिति की ओर से संचालित राजफैड के खरीद केंद्र में किसानों से 20 करोड़ रुपए मूल्य के सरसों व चना की खरीद की गई है। मगर समिति के अधिकारियों को ये नहीं मालूम है कि बेची गई उपज की कितनी राशि कितने किसानों के बैंक खातों में जमा हो चुकी है। मुख्य व्यवस्थापक कैलाश चौधरी ने बताया कि 500 किसानों से 14 हजार 828 क्ंिवटल 50 किलो सरसों की खरीद की गई। जिसकी कीमत पांच करोड़ 93 लाख रुपए है। खरीदी गई सरसों में से 430 क्ंिवटल यहां पड़ी है। शेष वेयर हाऊस भिजवाई जा चुकी है। सरसों की खरीद 24 अप्रेल को शुरूहुई थी। इसी प्रकार4400 रुपए प्रति क्विंटल की दर से 32 हजार 133 क्ंिवटल चना खरीदा गया है। एक हजार 245 किसानों से खरीदे चने की कीमत करीब 14 करोड़ 13 लाख रुपए है। 36 7 क्ंिवटल चना वेयर हाउस भेजा जाना शेष है।
खरीद बंद होने से किसानों में रोष
खरीद केंद्र पर चना-सरसों बेचने के लिए 4900 किसानों ने पंजीयन कराया था। मगर अब तक 1745 किसानों की ही उपज खरीदी गईहै। ऐसे में तीन हजार 155 किसानों को अपनी बारी का इंतजार है। इससे पहले ही सरकार ने सरसों खरीद बंद कर दी। चना की खरीद 30 जून के बाद बंद होने के आदेश मिल चुके है। नबासर के भागूराम सारण, गेडाप के रामकरण, कल्याणसर के मुकनाराम आचरा ने सरकार से सभी पंजीकृत किसानों से खरीद नहीं किए जाने तक खरीद प्रक्रिया बंद नहीं करने की मांग की है।
हरी बाड़ किसान की मित्र
चूरू. जिला पर्यावरण सुधार समिति प्रांगण में चल रहे आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के राज्य स्तरीय प्रशिक्षण में शुक्रवार को हरी बाड़ के बारे में जानकारी दी गई। मुख्य वक्ता एडवोकेट रामेश्वर प्रजापति ने कहा कि जिले के खेतों में नवाचार के लिए खेत में वर्षा आधारित हरी बाड़ तैयार करें। जो किसानों की मित्र है। उन्होंने बारिश के मौसम में खेतों में पौधरोपण करने का आह्वान किया। अध्यक्षता प्राचार्य गुड्डी देवी सोमरा ने की। इस मौके पर संस्था निदेशक किशन वर्मा, पूनक कंवर, राजेश तिवारी, जयकरण कांटीवाल, मोनिका चौधरी सहित आंगन बाड़ी कार्यकर्ताउपस्थित थी। संचालन मुकेश शर्मा ने किया।
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